बागेश्वर धाम के नाम से मशहूर बाबा कौन है

 धीरेंद्र कृष्ण २०२३

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

जन्म 4 जुलाई 1996

छतरपुर ,मध्यप्रदेश,भारत

धर्म हिन्दू के लिए जाना जाता है

पीठाधीश्वर बागेश्वर धाम सरकार

राष्ट्रीयता भारतीय 

 उनका जन्म 4 जुलाई 1996 को छतरपुर जिले के गढ़ा गांव में एक गर्ग(ब्राम्हण) में हुआ था। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री गर्ग का बचपन उनके ही गांव में बीता है। वह एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं।उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही सरकारी स्कूल से प्राप्त की। बचपन में आस-पास के गाँवों में वे दान मांगकर,रामचरितमानस और सत्यनारायण कथा सुनाकर जीविकोपार्जन करते थे। वर्तमान में वह अविवाहित हैं परन्तु शीघ्र ही विवाह करने का विचार कर रहे हैं | उन्होंने ये भी बताया की जयाकिशोरी  वेबैक मशीन उनकी बहन है जिसकी तथा उनके और जयाकिशोरी के विवाह की खबर अफवाह मात्र है।

आध्यात्मिक जीवन

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जन्म और पालन-पोषण एक हिंदूगर्ग ब्राह्मण परिवार में हुआ, जहां उनके पिता एक पुजारी के रूप में काम करते हैं। कथित तौर पर धीरेंद्र शास्त्री जी को भगवान हनुमान ने बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर बनने और समाज सेवा के लिए काम करने का निर्देश दिया था। उनके अनुसार न ही वो किसी देवता के अवतार हैं न ही वो कोई तांत्रिक हैं, मात्र एक साधारण मानव हैं जिनके पास हनुमान जी और सन्यासी बाबा के आशीर्वाद से सिद्धियां प्राप्त हैं| वे इन शक्तियों को जनकल्याण और मानव सेवाहितार्थ काम में लेते है और उनकी मानसिक,शारीरिक समस्याओ का निदान करते है | पंडित धीरेंद्र जी शास्त्री के द्वारा बागेश्वर धाम की सेवा 3 पीढ़ियों से की जा रही है।


संपत्ति

शास्त्री जी के अनुसार उनके पास निजी संपत्ति के रूप में एक मोटरसाइकिल हैं उसके अलावा जितने भी दान दक्षिणा इत्यादि प्राप्त होता है वह सेवा में उपयोग होता है | उनके अनुसार उन्होंने नौ एकड़ जमीन खरीदी है जिसपर वह कैंसर अस्पताल का निर्माण कर रहे हैं |धाम में आया दान मंदिर विस्तार , जन कल्याण कार्य जैसे कन्याओ का विवाह , रोगों के निदान के लिए और अन्नपूर्णा भंडारा में लगाया जाता है |जिसमे प्रतिदिन कई हजार भक्त प्रसाद ग्रहण करते है |


संपादित करें

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पीठाधीश्वर और बागेश्वर धाम सरकार के प्रमुख हैं, जो मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गढ़ा गाँव में भगवान हनुमान को समर्पित एक हिंदू तीर्थ स्थल है। धाम में शास्त्री जी एक दिव्य दरबार का आयोजन करते हैं जहाँ ऐसा माना जाता है कि वह अपनी दैवीय शक्तियों से लोगों की सभी शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक पीड़ाओं को ठीक करते हैं जो उन्हें दादा गुरु जी से मिली थी। लल्लनटॉप के साथ एक साक्षात्कार में शास्त्री जी ने बताया कि वह अपने दादा गुरु जी के बाद धाम के प्रमुख के रूप में सेवा करने वाली तीसरी पीढ़ी हैं।

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